
About this episode
This episode explores how Jaya Kishori defines the truths of marriage, spirituality, and society.
आइए जानते हैं कि किस प्रकार जया किशोरी जी ने विवाह, आध्यात्म और समाज की सच्चाई को परिभाषित किया हैं। व्यक्ति हमेशा एक जैसा होता हैं अपने पर निर्भर है कि किस प्रकार देखते हैं विवाह भी कुछ ऐसा ही है कुछ समय तक सब ठीक चलता है फिर एक -दूसरे में कमियां नजर आने लगती हैं आध्यात्म भी मनुष्य को मन पर काबू करना सीखता हैं और समाज में जगह अपनी मेहनत और व्यवहार से बनती हैं जो समय अच्छा हो, कामयाबी हो तो सब सकारात्मक होते हैं नहीं हो नकारात्मक आइए विस्तार से जानते हैं।
People in this episode
Hosts: स्वेता स्वामी, जया किशोरी
Topics covered
- विवाह
- आध्यात्म
- समाज
- सच्चाई
- व्यवहार
- कामयाबी
Keywords
- विवाह
- आध्यात्म
- समाज
- जया किशोरी
- सच्चाई
- व्यवहार
- कामयाबी
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