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Rubio का Damage Control दौरा, Putin का Xi को Piano प्रणाम और Trump की चिढ़! : Padhaku Nitin World Affairs
May 26, 2026
1h 05m 31s
China में पढ़ी Expert से सुनिए Trump के चीन दौरे की कहानी : Padhaku Nitin World Affairs
May 19, 2026
1h 08m 17s
नेपाल में क्रांति से सत्ता तक बालेन शाह का असली गेम प्लान क्या है?: Padhaku Nitin World Affairs
May 13, 2026
1h 05m 49s
Balen Shah को क्यों हुई Kailash Mansarovar Yatra 2026 से दिक्कत! : Padhaku Nitin World Affairs
May 5, 2026
1h 05m 10s
Hamas की क्रूरता, Israel की लापरवाही, और Iran की Ground-Breaking Reality! : Padhaku Nitin World Affairs
Apr 22, 2026
1h 27m 54s
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| Date | Episode | Description | Length | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 5/26/26 | ![]() Rubio का Damage Control दौरा, Putin का Xi को Piano प्रणाम और Trump की चिढ़! : Padhaku Nitin World Affairs | 19 मई से 26 मई 2026 का हफ्ता शीत युद्ध के बाद की दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से अहम हफ्तों में से एक साबित हो सकता है। वजह ये नहीं कि किसी एक घटना ने दुनिया बदल दी, बल्कि इसलिए क्योंकि एक ही समय पर हुई दो बड़ी घटनाओं ने दुनिया में उभरते नए शक्ति संतुलन को बहुत साफ तरीके से दिखा दिया। एक तरफ — 26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio नई दिल्ली पहुंचे, जहां क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस समूह में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बैठक का मकसद था इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी और उसके गठबंधनों को मजबूत दिखाना। अमेरिका इसे “फ्री, ओपन और मजबूत इंडो-पैसिफिक” की रणनीति कहता है। दूसरी तरफ — Vladimir Putin ने 20 मई 2026 को अपनी दो दिन की चीन यात्रा खत्म की। यह उनकी 25वीं चीन यात्रा थी, और शायद अब तक की सबसे अहम यात्रा भी। इस दौरान रूस और चीन के बीच 40 से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दो बड़े संयुक्त बयान जारी किए गए। एक में “बहुध्रुवीय दुनिया” यानी Multipolar World और नए तरह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात हुई। दूसरे में 2030 तक रूस-चीन की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का ऐलान किया गया। इस यात्रा के दौरान पुतिन ने निजी मुलाकात में Xi Jinping के लिए पियानो भी बजाया। वहीं शी जिनपिंग ने दोस्ती पर आधारित 2000 साल पुरानी चीनी कहावत का जिक्र किया। लेकिन सार्वजनिक तौर पर दोनों नेताओं ने अमेरिका की “एकतरफा दबदबे वाली नीति” यानी unilateral hegemony की खुलकर आलोचना की। ये सिर्फ आम कूटनीतिक मुलाकातें नहीं थीं। समझिए क्यों? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में प्रोफेसर मोहसिन रज़ा ख़ान से. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal | 1h 05m 31s | ||||||
| 5/19/26 | ![]() China में पढ़ी Expert से सुनिए Trump के चीन दौरे की कहानी : Padhaku Nitin World Affairs | दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है — ये वाक्य आपने कई दफ़ा सुना होगा। लेकिन क्या दुश्मन के दोस्त से बातचीत रखने में भी कोई फायदा होता है? ये सवाल शायद हम सबको मिलकर ट्रंप से पूछना चाहिए। इस वक़्त अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध के माहौल में घिरे हुए हैं — ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच। और इसी दौरान, वो 43 घंटों के लिए चीन पहुंचे। 13 मई को बीजिंग पहुंचे, राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की, शिखर वार्ता में हिस्सा लिया, Xi Jinping के घर पर डिनर किया और फिर वापस लौट आए। लेकिन ट्रंप और जिनपिंग की इस मुलाकात में आखिर क्या बातें हुईं? इस बैठक से निकला क्या? इसे लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और थिंक टैंक लगातार चर्चा कर रहे हैं। लोगों में जिज्ञासा है कि क्या ट्रंप के चीन दौरे का West Asia में चल रहे तनाव पर कोई असर पड़ेगा? क्या दुनिया जिस तेल संकट की आशंका से गुजर रही है, उससे उबर पाएगी? सवाल कई हैं। और इन सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं एक ऐसी एक्सपर्ट, जो सालों से US-China रिश्तों पर लिखती रही हैं। वो चीन भी जा चुकी हैं, चीनी भाषा जानती हैं, वहां के थिंक टैंक्स और मीडिया — दोनों पर गहरी नज़र रखती हैं। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में ईरान के अलावा ताइवान पर भी चर्चा हुई। हमारी मेहमान ताइवान भी जा चुकी हैं। हमारे साथ हैं Indian Think Tank Observer Research Foundation में फेलो के तौर पर जुड़ीं अंतरा घोषाल सिंह। इससे पहले वो पत्रकार रह चुकी हैं और MP-IDSA (Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses) के साथ भी काम कर चुकी हैं। Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal | 1h 08m 17s | ||||||
| 5/13/26 | ![]() नेपाल में क्रांति से सत्ता तक बालेन शाह का असली गेम प्लान क्या है?: Padhaku Nitin World Affairs | नेपाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल है. 1991 के बाद पहली बार भारी बहुमत से बनी सरकार के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सड़कों पर पनपी क्रांति से उपजे बालेन शाह आखिर क्या चाहते हैं? क्या भारत और नेपाल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने वाला है? 'पढ़ाकू नितिन World Affairs' के इस खास एपिसोड में हम किसी भारतीय एक्सपर्ट से नहीं, बल्कि सीधे 'ग्राउंड ज़ीरो' से हकीकत जान रहे हैं. हमारे साथ जुड़े हैं नेपाल के पत्रकार और लेखक बिराट अनुपम (Birat Anupam), जो 'The Diplomat' जैसे बड़े संस्थानों के लिए नेपाल की डिप्लोमेसी पर लिखते हैं. वे बताएंगे कि बालेन शाह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सर्जियो गोर जैसे दिग्गजों से मिलने से मना क्यों किया? क्या नेपाल का विरोध पत्र दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोलेगा? सुनिए पूरा एपिसोड. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Suraj Singh | 1h 05m 49s | ||||||
| 5/5/26 | ![]() Balen Shah को क्यों हुई Kailash Mansarovar Yatra 2026 से दिक्कत! : Padhaku Nitin World Affairs | आपको Love Triangles पसंद हैं? अरे होता है न फिल्मों या कहानियों में कि दो लोगों को एक से प्यार हो जाता है. ऐसे में लिखने वालों और देखने वालों को मज़ा ही इसलिए आता है कि Complexities इतनी बढ़ जाती हैं. दो लोग कंपीट कर रहे हैं अपना प्यार प्रूव करने के लिए. Geopolitics में भी कई बार Love Triangles देखने को मिलते हैं. ज़्यादा दूर न जाइए पड़ोस में ही चलते हैं. भारत-नेपाल-चीन के बीच का Dynamic भी पिछले कई सालों से कुछ कुछ ऐसा ही रहा था. भारत और चीन दोनों नेपाल की दोस्ती चाहते रहे हैं. उसके लिए कंपीट करते रहे हैं. कभी Economically या कभी Diplomatically भी. वो भी इस हद तक कि जब भी नेपाल में कोई नई सरकार बनती थी तो इंडियन मीडिया में सबसे बड़ा सवाल यही गूंजा करता था कि नेपाल का नया पीएम प्रो चाइना है या प्रो इंडिया. लेकिन हाल के कुछ महीनों में कहानी पलटने लगी है. अब नेपाल का खुद का एक अलग सा कैरेक्टर Arch चालू है. पहले GenZ Protest. पुराने नेताओं को पीट पीटकर देश से भगाए जाना. फिर बालेन शाह के तौर पर एक नए नेता का भारी बहुमत से सत्ता में आना. और फिर 40 दिन की सत्ता में ही बालेन कैबिनेट से दो नेताओं का इस्तीफ़ा. वो नेपाल जो Diplomatically सबसे मिलता था, बात करता था. उसके सुर इतने बदले कि Balen Shah ने नेपाल पहुंचे American Ambassador Sergio Gor से मिलना तक ज़रूरी नहीं समझा. सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. ये नया नेपाल, पहचानने में ही नहीं आ रहा. लेकिन फिर भी बालेन शाह को समझने की. नए नेपाल की Foreign Policy समझने की कोशिशें जारी हैं. ये पॉडकास्ट भी वैसी ही कोशिश है, पसंदीदा मेहमान Prof. K उर्फ़ Professor मोहसिन रज़ा के साथ. एपिसोड पूरा सुनिए, शेयर कीजिए Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal | 1h 05m 10s | ||||||
| 4/22/26 | ![]() Hamas की क्रूरता, Israel की लापरवाही, और Iran की Ground-Breaking Reality! : Padhaku Nitin World Affairs | West Asia की जंग के बीच से ख़बरें आ रहीं हैं कि Islamabad में एक और Peace Talk होनी हैं. हालांकि सब कुछ इतना धुंधला है कि उधर ईरान कह रहा है कि भैया हमारे यहां से तो कोई अभी तक पाकिस्तान पहुंचा ही नहीं. तो जब इस मामले में कुछ साफ़ होगा तो उसपर तो बात करेंगे ही. आज एक अलग तरह का एपिसोड है. Exclusive Episode हैं. अभी कुछ दिन पहले हमने Anchor और Journalist Sweta Singh को बुलाया था जो Israel से Ground Reporting करके लौटी थीं. आज हमारे साथ हैं Anchor और Journalist Sumit Chaudhary. फरवरी 2026 में Sumit खुद ईरान गए. वहां रुके. रिपोर्टिंग की. कई ईरानी शहरों में गए और Protest भी कवर किए. उसके बाद से भी लगातार वहां की घटनाओं पर नज़र बनाए हुए हैं. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में उनसे समझते हैं कि Iran, जिसको Stone Age में पहुंचाने की कसमें ट्रंप खा रहे हैं. वो दरअसल इन्हें कैसा दिखा? प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल | 1h 27m 54s | ||||||
| 4/14/26 | ![]() एक फोन कॉल... और Fail हो गई Islamabad Peace Talk : Padhaku Nitin World Affairs | अगर Geopolitics कोई जीता जागता व्यक्ति होता, तो शायद उसे Vitamin D की ज़रूरत सबसे ज़्यादा होता. D for Diplomacy. D for Deal. पिछले पूरे हफ़्ते लोगों की नज़र इस्लामाबाद में होने वाली बड़ी Diplomatic Meeting पर थी. तेहरान और वॉशिंगटन से डेलिगेट्स आए. पूरी दुनिया को उम्मीदें थी कि शायद अब इस जंग को conclusion मिल ही जाए. लेकिन मालूम होता है कि बहुत कठिन है डगर Deal की. Talks fail हुईं. Blockade जारी है. टेंशन अब भी बनी हुई है और आशंकाएं भी. क्योंकि क्या पता ट्रंप कब क्या कर दें. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में आज समझते हैं कि पीस डील में दोनों पक्षों के लिए है क्या? क्यों बात बनी नहीं? क्या पीस डील एकतरफ़ा है? Oman, Qatar को छोड़ अब इस्लामाबाद क्यों मध्यस्थता करवा रहा है? इसके कुछ फायदे नुकसान भी हैं क्या पाकिस्तान को? और सबसे बड़ी बात, भारत क्यों नहीं करवा रहा मध्यस्थता? पूछे हमने सारे सवाल हमारे मेहमान Prof. K उर्फ़ Prof Mohsin Raza Khan से. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल | 54m 01s | ||||||
| 4/8/26 | ![]() जंग के बीच Israel से Ground Reporting के Unfiltered किस्से ft. Sweta Singh | रजत कपूर की एक फिल्म है आंखों देखी. बड़ी सुंदर फिल्म है. इसमें मुख्य किरदार है संजय मिश्रा का. जो एक बात कहता है- जब तक मैं खुद अपनी आंखों से नहीं देख लेता, मानूंगा नहीं. वो कहता है कही-सुनी नहीं मानूंगा. आंखों देखी मानूंगा. वेस्ट एशिया में जंग छिड़ी हुई है.. पिछले 4-5 हफ़्तों से तो हम हर एपिसोड पर इसी बारे में बात कह सुन रहे ही हैं. लेकिन आज हमारे साथ एक ऐसी मेहमान हैं, जिनके लिए ये युद्ध आंखों देखी है. पढ़ाकू नितिन World Affairs के इस एपिसोड में हमारी मेहमान हैं. न्यूज़ एंकर और जर्नलिस्ट श्वेता सिंह. श्वेता जी हाल ही में इस युद्ध के दौरान ही Israel गईं. हम जिन जिन इलाकों के नाम सुनते हैं. जैसे टेल अवीव. Israel Lebanon Border. बेत शेमैश. Jordan Israel Border. ये उन सब जगह खुद गईं. वो भी तब जब मिसाइलें लगातार गिर रहीं थीं. इनकी ग्राउंड रिपोर्ट्स में आपको पीछे मलबे का ढेर आसानी से दिख जाएगा. Background में Bomb Sirens, धमाकों की आवाज़ें भी सुनाई पड़ जाएंगी. इस एपिसोड में सुनिए वहां का आंखों देखा हाल. | 1h 02m 19s | ||||||
| 4/7/26 | ![]() Mojtaba Khamenei- IRGC की सेटिंग, Witkoff का कंफ्यूज़न और Trump के Mood Swing! : Padhaku Nitin World Affairs | Deadline! ये शब्द सुनते ही पैनिक सा मचने लगता है न? मन में Anxiety? कईयों के तो हाथ ही कांपने लगते हैं. आज 6 अप्रैल 2026 जो जब हम Padhaku Nitin World Affairs का ये एपिसोड रिकॉर्ड कर रहे हैं. तब भी हम एक डेडलाइन पर ही खड़े हैं. ये डेडलाइन है ट्रंप की. उन्होंने ईरान से कहा था कि 6 अप्रैल तक एक डील कर लें. वरना वो Iran के Infrastructure पर हमले शुरू करेंगे. उधर ईरान ने ऐसा कोई मन बनाया ही नहीं है. Iran के Foreign Minister Araghchi कह रहे हैं कि Trust level is at zero. तो फिलहाल कोई डील होती तो नहीं दिख रही है. लेकिन दरअसल ये डील क्यों नहीं हो रही है? आजकल इसपर बात करेंगे. US और Iran दोनों पक्षों की तरफ़ से कौन है जो इसमें अड़ंगा डाल रहा है. और ये भी कि अगर बाई चांस डील हो भी गई जंग रुक भी गई. तो आने वाले दिनों में ईरान का हाल क्या होने वाला है? खामेनेई सीनियर तो जा चुके. खामेनेई जूनियर अपना चेहरा तक नहीं दिखा रहे हैं. सामने आ रहे हैं तो बस IRGC के नए नए कमांडर्स. तो भी जानेंगे कि कहीं Iran Guard state बनने की तरफ़ तो नहीं जा रहा है. कहीं पाकिस्तान के बगल में एक और पाकिस्तान तो नहीं बनने जा रहा है? पूछेंगे सब कुछ Vishwajeet singh Akhawat से. VIF में रिसर्चर हैं आप इन्हें पिछले एपिसोड में भी सुन चुके हैं. West Asia में IRGC पर इनकी MPhil है. तो इनसे अच्छा कौन समझाएंगा. क्योंकि ये है Padhaku Nitin जहां हम कहते हैं एक लाइफ़ है… जानना सब है प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती | 1h 02m 15s | ||||||
| 3/31/26 | ![]() Trump का Report Card, IRGC की मनमानी और Netanyahu का Greater Israel Plan! : Padhaku Nitin World Affairs | फरवरी 2026 के आखिरी दिन, ट्रंप ने वेस्ट एशिया में जंग की शुरूआत कर दी थी. वही ट्रंप जो कि खुद को No war President कहते थे और सफ़ाई दी कि परेशान मत होइए आप लोग, बस यूं जाएंगे और 4 हफ़्तों में रिजीम चेंज करके जंग ख़त्म कर देंगे. सिंपल! लेकिन हालात आज ऐसे हो गए हैं कि न तो 4 हफ़्तों में जंग ख़त्म हुई है, न ढंग से रिजीम चेंज. ऊपर से जिस ईरान को ट्रंप से हिसाब से अब तक टूट जाना चाहिए था. वही ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर कब्ज़ा किए बैठा है. तेल भी अटका रखा और अमेरिका इज़रायल समेत वेस्ट एशिया के कई देशों की जान भी. उधर अब तक जिस जंग को ट्रंप मिसाइलों के ज़रिए लड़ रहे थे. उसी जंग में ट्रंप अब अमेरिकी सैनिक उतार रहे हैं. ट्रंप ने 4 हज़ार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक(US Marines) और 82nd Airborne Division भेज दी है. Boots on Ground आ चुके हैं. उधर ईरान के अंग्रेज़ी अख़बार ने उनका स्वागत किया है अपने अख़बार के पहले पेज पर लिखा है “Welcome to Hell”. तो लगातार बदलते हालातों के बीच, बात ज़रूरी है. इसलिए Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में बात Iran War पर ही करेंगे. जानेंगे कि पिछले चार हफ़्तों में किसने क्या खोया? क्या पाया? जानेंगे कि जंग का पांचवा हफ़्ता क्या किसी ख़तरे का निशान है? इस पांचवे हफ़्ते में क्या नया होने को है? रणनीतियां कैसे बदल रही हैं? और क्या इस सबके बीच ट्रंप की कुर्सी को ख़तरा तो नहीं है? पूछे ये सारे सवाल हमारे नए मेहमान से. Dr. Vishwajeet Singh Akhawat हमारे साथ हैं. Vivekananda International Foundation में Research Associate के तौर पर काम करते हैं. West Asia और स्पेशली Iran के संदर्भ में सालों से पढ़ लिख रहे हैं. इनकी MPhil की रिसर्च का टॉपिक था Role of IRGC in Iranian Politics. और इनका कोर सब्जेक्ट है, Iranian Security और Foreign Policy. | 1h 12m 17s | ||||||
| 3/24/26 | ![]() Trump इन 5 दिनों में क्या खेल करेंगे? : Padhaku Nitin World Affairs | Iran War का असर अब बड़ी बड़ी कंपनियों के शेयर्स से लेकर फुटपाथों तक दिखने लगा है. चाय वाले तक चाय के दाम बढ़ा रहे हैं. उधर ट्रंप भी Confused नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा था कि जंग 4 हफ़्तों में ख़त्म होगी. चौथा हफ़्ता ख़त्म होने को ही है. ज़रा देख समझ लेते हैं कि इस Deadline में ट्रंप ने क्या खोया क्या पाया? क्या वो वादा निभा पाएंगे? या Deadline Cross होने ही वाली है? कोई रास्ता निकल पाया है क्या? या दुनिया अब भी इस जंग में लंबे समय के लिए फंसने वाली है? पूछेंगे ये सारे सवाल हमारे नए मेहमान से. Prof. जजति पटनायक से. JNU के Centre of West Asian Studies में पढ़ाते हैं. पिछले 28 सालों से West Asia रीजन पर इनकी पकड़ रही है. एपिसोड पूरा सुनिएगा प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल | 56m 04s | ||||||
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| 3/17/26 | ![]() West Asia की टेंशन, LPG Crisis का समाधान और घबराए Trump की Confusion! : Padhaku Nitin World Affairs | Geopolitics में भी पिछले महीने कुछ ऐसा घटा है जिसका असर स्क्रीन और सोशल मीडिया छोड़ कर सीधा भारतीयों की रसोई और वाहनों की टंकियों पर दिखने लगा है. और अब लगभग पूरी दुनिया Iran का नाम भी जानती है. America भी. उन्हें ये भी पता है कि LPG की किल्लत की ख़बरें आ रही हैं. पेट्रोल भी महंगा होने की संभावना है. और उनका इंट्रेस्ट इस बात में भी बढ़ने लगा है कि जाना जाए… क्यों हो रहा है ये सब? Padhaku Nitin World Affairs का ये एपिसोड इसी पर. जानिए कि West Asia में ऐसा क्या चल रहा है कि पूरी दुनिया वहां देख रही है? पिछले हफ़्तों में अब क्या बदला है? कब तक बदलेगा? ट्रंप की दिक्कतें-मजबूरियां. Iran में नए लीडर की मजबूरियां. Europe और West Asia के अलग देशों की मजबूरियां.. ये सब समझिए Professor Mohsin Raza से. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह | 1h 17m 09s | ||||||
| 3/3/26 | ![]() Khamenei पहले ही बना गए थे US की नाक में दम करने का ये प्लान! : Padhaku Nitin World Affairs | West Asia में जंग भड़क चुकी है और आप भी इसे महसूस कर रहे होंगे। सोशल मीडिया की बहसों से लेकर टीवी डिबेट्स तक… अख़बारों की सुर्खियों से लेकर गली–नुक्कड़ की चर्चाओं तक, हर जगह इसी टकराव की गूंज है. पिछले एपिसोड में हमने Padhaku Nitin World Affairs पर Ambassador Anil Trigunayat जी के साथ एक बेहद अहम और गहरी बातचीत की। अगर आपने वो एपिसोड नहीं देखा है, तो ज़रूर देखिएगा — क्योंकि उसमें War के इर्द-गिर्द चल रही Diplomacy पर कई ऐसी Exclusive बातें सामने आईं, जो आपको कहीं और सुनने को नहीं मिलेंगी। इस एपिसोड में आज बात हुई है War के Military पक्ष की. मेहमान हैं Defence Expert Sandeep Unnithan. आप इन्हें Padhaku Nitin पर पहले भी देख चुके हैं. लेकिन आज इनकी मौजूदगी सिर्फ़ एक चर्चा नहीं, बल्कि एक ज़रूरत है. क्योंकि इस वक्त ज़रूरी है कि शोर से अलग हटकर War का ठंडे दिमाग़ से Strategic Analysis किया जाए. आख़िर तक सुनिएगा प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती | 1h 06m 39s | ||||||
| 3/2/26 | ![]() Khamenei की हत्या के बाद अब Iran किस बड़ी तैयारी में? : Padhaku Nitin World Affairs | जिस जंग के बारे में हम लगभग हर दूसरे हफ्ते Padhaku Nitin World Affairs में बात करते थे, वह पिछले दो दिनों में इतनी तेज़ी से escalate हुआ है कि यकीन करना मुश्किल है. आज से ठीक एक हफ्ते पहले तक डोनाल्ड ट्रंप जिन खामेनेई के साथ नेगोशिएशन टेबल पर थे, वही खामेनेई अब 40 शीर्ष कमांडरों समेत US–Israel की स्ट्राइक्स में मारे जा चुके हैं. ईरान ने जहां-जहां अमेरिका के बेस थे, वहां-वहां जवाबी हमले किए हैं। पूरा वेस्ट एशिया अब इस युद्ध की गिरफ़्त में आता दिख रहा है। इसीलिए इस एपिसोड में चर्चा सिर्फ इसी मुद्दे पर होगी. हमारे मेहमान आपके जाने-पहचाने हैं.. एंबेसडर अनिल त्रिगुणायत। पिछले तीन दशकों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व दुनिया के अलग-अलग देशों में किया है. जॉर्डन, लीबिया और माल्टा में वे राजदूत रह चुके हैं. यानी वेस्ट एशिया और उसकी जटिलताओं को वे गहराई से समझते हैं. अंत तक बने रहिए, पूरा एपिसोड सुनिएगा और शेयर ज़रूर कीजिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह | 1h 00m 01s | ||||||
| 2/24/26 | ![]() भिड़ंत को मजबूर क्यों हो गए हैं Pakistan और Afghanistan? : Padhaku Nitin World Affairs | पाकिस्तान का बॉर्डर जिससे मिल जाए, उससे उसका दिल मिलना अक्सर नामुमकिन सा ही होता है. ये बात हाल ही में तालिबान को फिर याद आई. क्योंकि 22 फरवरी, 2026 को पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में AirStrikes कीं. पाकिस्तान ने कहा कि ये सब उसने TTP और IS-K जैसे आतंकी संगठनों को टार्गेट करने के लिए किया. जबकि अफ़गानिस्तान ने खुलासा किया कि इन एयरस्ट्राइक्स में दरअसल बच्चे और सिविलियंस मारे गए. तालिबान सरकार ने साफ़ कर दिया है कि अब पाकिस्तान को करारा जवाब मिलेगा. उधर, ईरान की घेराबंदी करने वाले ट्रंप न जाने क्या चाहते हैं? डरा तो रहे हैं, मगर करेंगे क्या? फिर से कोई डील? या वेनेज़ुएला वाला हाल? दोनों मुद्दों पर चर्चा ज़रूरी थी तो सोच ऐसे मेहमान को बुलाया जाए जिनकी महारथ दोनों ही विषयों पर बराबर हो. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में देखिए-सुनिए Prof. Mohsin Raza Khan को. जो हमारे पुराने मेहमान हैं, International Studies के प्रोफेसर हैं. आजकल यूट्यूब पर Prof. K Show नाम का यूट्यूब चैनल भी चला रहे हैं. तो पहले ये सुनिए, फिर वो देखिएगा प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह | 1h 11m 02s | ||||||
| 2/17/26 | ![]() Macron का India Agenda, US Europe का Divorce और Trump का Daddy Syndrome! : Padhaku Nitin World Affairs | अभी साल के सिर्फ़ दो महीने बीते हैं और geopolitics न जाने क्या-क्या रंग दिखा रही है। दुनिया के अलग-अलग कोनों में इस दौरान काफ़ी कुछ घट चुका है। कुछ देशों पर indirect कब्ज़ा हो चुका है, और कुछ देशों की arm-twisting की जा रही है। भारत के संदर्भ में कहें तो इन दो महीनों में दो बड़ी deals हो चुकी हैं — mother of all deals। पिछले महीने के आख़िरी हफ़्ते में उस पर मोहर लगी, और उसके अगले ही हफ़्ते US-India की भी एक deal हुई। हमने दोनों पर ही बात की है। एक बार Professor Mohsin Raza वाला एपिसोड भी देखिएगा, और दूसरा Professor Ummu Salma Bava के साथ। Professor Bava आज भी हमारी मेहमान हैं। वे Germany के highest civil honour से सम्मानित हैं, Ministry of External Affairs के Foreign Service Institute में guest faculty हैं, और UGC Europe Area Studies Programme की director रह चुकी हैं। मुद्दा फिर से इनके expertise का है — Europe। कुछ दिन पहले Germany के Munich में Munich Security Conference हुई। Europe के कई देशों के नेता और US सरकार के कई representatives वहां आए। कई बड़े, defining बयान दिए गए, जिन्होंने यह तस्वीर और साफ़ कर दी कि Europe और US के बीच का मनमुटाव अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। तो इस एपिसोड में उस पर ही बात की। साथ ही France के President Macron भी अपने भारत दौरे पर हैं — आज मुंबई में PM Modi से मिले हैं। इसलिए Macron की इस visit के मायने भी समझिए, एपिसोड पूरा सुनिएगा। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह | 57m 06s | ||||||
| 2/10/26 | ![]() Bangladesh Election 2026 का गोरखधंधा, Mohammad Yunus का Master Plan और Hindus in Bangladesh की सबसे बड़ी दिक्कत! | मॉडर्न प्रजातंत्र के संदर्भ में अक्सर कहा जाता है कि चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं होते। लाइन घिसी-पिटी लग सकती है, लेकिन बात सच है। अगर चुनाव को लेकर भाव त्योहार जैसा न भी हो, तो भी उसका तामझाम और तैयारियाँ किसी उत्सव से कम नहीं होतीं। अभी हमारे पड़ोस में, बांग्लादेश में, चुनाव होने जा रहे हैं। 12 फ़रवरी को बांग्लादेश में 300 सीटों के लिए 12.7 करोड़ मतदाता मतदान करने वाले हैं। यूँ तो यह किसी आम चुनाव जैसा लग सकता है, लेकिन 2024 में बांग्लादेश में जो हुआ, उसके बाद ये चुनाव देश के लिए वाकई make-or-break साबित हो सकते हैं। Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में चर्चा बांग्लादेश पर ही है। इस बार के बांग्लादेश चुनाव इतने खास क्यों हैं? शेख हसीना के बिना हो रहा यह पहला चुनाव किस तरह का है? उनके प्रति जो असंतोष था, क्या वह उनके जाने के बाद भी कायम है? बांग्लादेश का Gen Z अब किस ओर देख रहा है? इन्हीं सवालों पर हमने बात की ढाका में मौजूद अपने पत्रकार मित्र सलाहुद्दीन शोएब चौधरी से, जो बांग्लादेश के Blitz अख़बार के एडिटर हैं। वह पहले भी हमारे मेहमान रह चुके हैं—वह एपिसोड भी देखिए-सुनिए, और इस एपिसोड को भी अंत तक ज़रूर देखिए। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल | 58m 41s | ||||||
| 2/5/26 | ![]() Epstein Files की लगाई आग, Trump का प्रेशर या रूपए का चक्कर - क्यों हुई India-US Deal?: Padhaku Nitin World Affairs | Deal और War. पिछले दो-तीन सालों को देखें तो ऐसा मालूम होता है कि Geopolitics इसी के इर्द गिर्द घूमती रहती है. ट्रंप ने इसी शब्द के आसपास अपनी पूरी geopolitics रच रखी है. उन्होंने एक डील करने का ऐलान फिर से कर दिया है. इस बार भारत के साथ. सोमवार शाम पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखा और बताया कि देखो भारत और US की डील होने वाली है. US ने भारत के प्रति जो ट्रैरिफ लगाए थे उनमें नरमी बरती है. कहा मोदी जी मेरे इतने अच्छे दोस्त हैं कि भारत भी हम पर अब से मात्र 0% टैरिफ लगाएगा. और हम भारत पर 18% टैरिफ़ लगाएंगे. उस के बाद से ही सोशल मीडिया और देश में बवाल मचा हुआ है . एक तबका नाराज़ है. एक बहुत खुश है. मार्केट उछल रहा है. उधर विपक्ष कह रहा है कि मोदी जी झुक गए हैं. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस Episode में इस डील का ही रेशा रेशा खोला गया है. इस ऐलान के बाद से कौन से सवाल हैं जिनके जवाब मिल गए हैं? कौनसे सवालों के जवाब अभी भी नदारद हैं? कौनसे नए सवाल खड़े हो गए हैं? और इनमें परते क्या हैं? Epstein और America Iran के मसले को भी छुआ. क्योंकि हमारे साथ एक ऐसे गेस्ट हैं जो इन सभी मुद्दों पर बराबर अथॉरिटी रखते हैं. Prof. Mohsin Raza. हमारे Regular मेहमान हैं. क्योंकि ये बातें बड़ी चटपटी तरह से समझाते हैं और आपको भी पसंद आते हैं. पूरा पॉडकास्ट देखिएगा और चैनल Subscribe भी करना न भूलिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती | 1h 03m 16s | ||||||
| 1/28/26 | ![]() EU India Trade Deal देसी भाषा में Decoded! : Padhaku Nitin World Affairs | World Order अब स्मूदली नहीं बदल रहा है, समीकरण बिखर रहे हैं. टूट रहे हैं नए समीकरण बन रहे हैं. ये बात पिछले हफ़्ते Davos में गूंजी. लेकिन इसका असर brussels से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रहा है और ब्रसेल्स-दिल्ली दोनों को देखने को मिल रहा है. 26 जनवरी की परेड में चीफ़ गेस्ट रहीं European Union की Commissioner Ursula Von der leyen और उसके अगले ही दिन हुई एक बड़ी डील India-EU का FTA. ख़ास बात ये है कि ये डील 18 साल से अटकी हुई थी. लेकिन फिर अचानक क्या हुआ कि इतनी बड़ी डील जिससे India-EU का ट्रेड 250 Billion Dollar का बनने की ओर है. वो एकदम से हो गया? दरअसल यही Geopolitics है. दुनिया के एक कोने में हलचल होती है, Shock Waves दुनिया भर में फैलती है और कुछ बड़ा और अहम घट जाता है. जैसे कि ये डील. तो आज पहले तो इसी डील को समझेंगे. समझेंगे कि क्यों PM Modi ने इसे कहा Mother of all Deals? इस डील से आम आदमी को क्या फायदा पहुंचेगा? इस डील के अनाउंस होते ही अमेरिका क्यों चिढ़ रहा है? ये सब समझेंगे एक ऐसी एक्सपर्ट से जिन्होंने इस डील को बहुत क्लोज़ली observe किया. डील जिस कमरे में हुई ये खुद वहां मौजूद थीं. Germany के Highest Civil Honour से सम्मानित हैं. Ministry of External Affairs के Foreign Service Institute में Guest Faculty हैं. UGC Europe Area Studies Programme की Director रह चुकी हैं. School Of International Studies JNU की Chairperson भी. नाम है Professor Ummu Salma Bava. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह | 1h 08m 25s | ||||||
| 1/20/26 | ![]() Iran की शैतान Theory, Israel की Insecurity और Trump का 'Plan Shah' Explained! : Padhaku Nitin World Affairs | अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं तो पिछले महीने दो महीने में आपने ईरान से आती तस्वीरें ज़रूर देखी होंगी. कभी तेहरान में पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाती ईरानी जनता. कभी ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की फोटो को सिगरेट से जलाती महिला का फोटो. कभी मस्जिद को नुकसान पहुंचाते ईरानी प्रदर्शनकारी. ये वही ईरान है जिसने 1979 में Islamic Revolution देखा. ये वही ईरान है जो एक दौर में निहायत ही Westernised था और फिर वो दौर भी जब हिजाब ठीक से न पहनने पर एक महिला पहले अरेस्ट की गई फिर कस्टडी में ही उसने दम तोड़ा. पिछले डेढ़ दो महीने से ईरान में सरकार के खिलाफ़ भयंकर प्रदर्शन जारी थे. ईरानी सरकार ने उसे दबाने के लिए बहुत सख़्त कदम भी उठाए. लेकिन मामला Domestic से Geopolitical तब बन गया जब Venezuela में ‘Democracy’ स्थापित करके आए ट्रंप ने कहा- मैं यहां भी आ जाऊं क्या? यहां से मामला बहुत ज़्यादा पेचीदा हो गया है. तो आज इसे ही समझते हैं. समझेंगे कि Iran में ये प्रदर्शन छिड़े क्यों? इनके पीछे सिर्फ़ जनता का असंतोष था या कि कुछ और ताकतें भीं? Iran में होते Protest ने कैसे भारत के चावल व्यापारियों तक को तंग कर रखा है? और Iran ऐसा क्या करने जा रहा है जिससे भारत का 60% Energy Sector सकते में आ सकता है? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में हमने ये सवाल पूछे हमारे मेहमान और Ex-Ambassador Anil Trigunayat जी से. पिछले 3 दशकों में उन्होंने भारत को दुनियाभर में अलग अलग जगहों पर Represent किया है. Jordan, Libya Malta में Ambassador भी रहे यानि Middle East को जानते समझते बहुत अच्छे से हैं. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती | 1h 02m 56s | ||||||
| 1/15/26 | ![]() German Chancellor से लेकर French President तक क्यों मिलाना चाहते हैं PM Modi से हाथ? : Padhaku Nitin World Affairs | BMW, Volkswagen, Audi और Mercedes-Benz. इन गाड़ियों में कॉमन क्या है? एक ये कि भारतीय सड़कों पर आपको इन गाड़ियों की धूम खूब दिखती है. मिडल क्लास की Aspirations का हिस्सा रही है ये गाड़ियां. लेकिन एक Common बात ये भी है कि ये गाड़ियां इस बात का प्रमाण है कि Europe में हमारा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर जर्मनी है. ये सारी जर्मन गाड़ियां हैं जिनमें भारतियों का इंट्रेस्ट पुरानी बात है, लेकिन नई बात है Germany का भारतीयों में इंट्रेस्ट. ये तस्वीरें देखिए ये हैं Germany के Chancellor फ्रेड्रिक मर्ज़ जो कि State Visit पर भारत के दो दिनी दौरे पर आए हैं. उन्होंने पहले पीएम मोदी के साथ अहमदाबाद में पतंग उड़ाई फिर वो बैंग्लोर पहुंचे. साथ में लाए 23 जर्मन CEOs और Industry leaders को. साथ में प्रेस कांफ्रेंस की, और इस बात पर ज़ोर दिया कि वो भारत को Indo-Pacific नें जर्मनी का साथी बनाना चाहते हैं. अभी जर्मन चांसलर आए हैं. फिर पोलिश प्रेसिडेंट आने को हैं. फ्रेंच प्रेसिडेंट मेंक्रों भी आने को है फरवरी में. और उससे पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में European Union की हेड Ursula Von der Leyen भी आने को हैं.लेकिन सवाल उठता है कि आखिर यूरोप को अचानक भारत में इंट्रेस्ट क्यों आने लगा है? इसमें बहुत पेंच हैं. बहुत Complexities हैं. जिन्हें हमारे लिए Decode किया है इस एपिसोड में मेहमान बनकर आईं Dr. Sheetal Sharma ने. वो Associate Professor हैं JNU में. European Studies पढ़ाती हैं.प्रड्यूसर: मानव देव रावतसाउंड मिक्स: अमन पाल | 1h 04m 07s | ||||||
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